प्रवासी भारतीय सम्मेलन
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश में प्रवासी भारतीयों को उद्योग स्थापना के लिए अधिक से अधिक सुविधायें देने के लिए राज्य सरकार वचनबद्ध है। प्रदेश में प्रवासी भारतीयों के लिए भोपाल, इन्दौर के बीच इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप का विकास किया जायेगा। इसके अलावा एनआरआई सेल भी बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री सचिवालय के अन्तर्गत कार्य करने वाले इस प्रकोष्ठ का कार्य सचिव मुख्यमंत्री श्री अनुराग जैन देखेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज यहां होटल नूर-उस-सबह में आयोजित एक दिवसीय मध्यप्रदेश प्रवासी भारतीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व के देशों में बसे भारतीयों ने भारत और मध्यप्रदेश के सम्मान में वृद्धि की है।
प्रवासी भारतीय सम्मेलन के आयोजन का उद्देश्य मध्यप्रदेश में निवेश वृद्धि के साथ ही मध्यप्रदेश के साथ संबंध और सरोकार रखने वाले प्रवासी भारतीयों के साथ आत्मीय संबंध स्थापित कर रहे हैं। अन्य राज्यों के प्रवासी भारतीयों का हम स्वागत करते हैं।
मध्यप्रदेश की विशेषताओं से अवगत होने के पश्चात् प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए अनेक प्रवासी भारतीय उद्योगपतियों ने पहल की है। मध्यप्रदेश सरकार इन उद्योगपतियों को उद्योगों के लिए आवश्यक अधोसंरचना उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में तीन विश्व धरोहर स्मारक सांची, भोजपुर और भीमबैठका हैं। देश के मध्य में स्थित होने के साथ ही यहां आतंकवाद, नक्सलवाद या दस्यु समस्या नहीं हैं। भूमि अन्य प्रांतों की तुलना में सस्ती है और जनता एवं प्रशासन सहयोगी है। इस औद्योगिक शांति तथा 24 घंटे बिजली का लाभ उद्योगों को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में तीन विश्व धरोहर स्मारक सांची, भोजपुर और भीमबैठका हैं। देश के मध्य में स्थित होने के साथ ही यहां आतंकवाद, नक्सलवाद या दस्यु समस्या नहीं हैं। भूमि अन्य प्रांतों की तुलना में सस्ती है और जनता एवं प्रशासन सहयोगी है। इस औद्योगिक शांति तथा 24 घंटे बिजली का लाभ उद्योगों को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सात प्राथमिताओं पर अमल करते हुए बिजली, पानी, सड़क की सुविधाओं में निरन्तर वृद्धि करते हुए अधोसंरचना सुदृढ़ करने की दिशा में तेजी से कार्य किया है। लगभग पचास हजार किलोमीटर सड़कें बन गयीं है।
अगले तीन वर्ष में प्रत्येक गांव को बारहमासी सड़कों से जोड़ दिया जायेगा। प्रदेश विद्युत के मामले में शीघ्र आत्मनिर्भर हो जायेगा। प्रदेश में आने वाले उद्योगों को सभी सुविधाएं उपलब्ध होने की आदर्श स्थिति बनी है। श्री चौहान ने उम्मीद जतायी की प्रवासी भारतीयों सहित अन्य उद्योगपति मध्यप्रदेश में औद्योगिक इकाईयां स्थापित करने की पहल करेंगे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सम्मेलन में तीन प्रमुख प्रवासी भारतीयों को श्रेष्ठ योगदान के लिए सम्मानित किया। सम्मानित होने वाले प्रवासी भारतीयों में श्री दीपककांत व्यास, श्री रश्मि शाह और श्री अनुराग श्रीवास्तव शामिल हैं। सम्मानित उद्योगपतियों ने कहा कि मध्यप्रदेश के साथ अपने लगाव के कारण ही वे सम्मेलन में आये हैं।
उद्योग एवं वाणिज्य, सूचना प्रौद्योगिकी उद्यानिकी और ग्रामोद्योग मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भारत तथा भारत के बाहर मध्यप्रदेश की पहचान किसी समय खराब सड़कों और अंधेरे के कारण थी। अब मध्यप्रदेश में गुणवत्तापूर्ण सड़कों का जाल बिछ गया है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सम्मेलन में तीन प्रमुख प्रवासी भारतीयों को श्रेष्ठ योगदान के लिए सम्मानित किया। सम्मानित होने वाले प्रवासी भारतीयों में श्री दीपककांत व्यास, श्री रश्मि शाह और श्री अनुराग श्रीवास्तव शामिल हैं। सम्मानित उद्योगपतियों ने कहा कि मध्यप्रदेश के साथ अपने लगाव के कारण ही वे सम्मेलन में आये हैं।
उद्योग एवं वाणिज्य, सूचना प्रौद्योगिकी उद्यानिकी और ग्रामोद्योग मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भारत तथा भारत के बाहर मध्यप्रदेश की पहचान किसी समय खराब सड़कों और अंधेरे के कारण थी। अब मध्यप्रदेश में गुणवत्तापूर्ण सड़कों का जाल बिछ गया है।
बिजली आपूर्ति की दशा में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। इसके साथ ही उद्योगपतियों को औद्योगिक इकाईयां लगाने के लिए सकारात्मक वातावरण मिल रहा है। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री श्री चौहान के नेतृत्व में विकास की बयार चल रही है। निमाड़ अंचल की मिर्च, मालवा क्षेत्र के आलू और फलोत्पादन में बढ़ती किसानों की रूचि से प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों की स्थापना के लिए अनुकूल माहौल बन गया है।
राजनैतिक और प्रशासनिक इच्छा-शक्ति प्रबल होने से उद्योगपतियों को भरपूर सहयोग मिल रहा है। श्री विजयवर्गीय ने इस सम्मेलन में पधारे प्रवासी भारतीयों को मध्यप्रदेश के साथ स्थापित किए गये इस भावनात्मक संबंध के लिए बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि अप्रवासी भारतीय विदेशों में मध्यप्रदेश के दूत के रूप में कार्य करेंगे।
प्रमुख उद्योगपति एवं फिक्की के अध्यक्ष श्री रमेशचन्द्र अग्रवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए आदर्श वातावरण है। सबसे महत्वपूर्ण बात राज्य सरकार की उद्योग हितैषी नीतियां है। यही वजह की है कि गत पांच वर्ष में प्रदेश में आने वाले उद्योगों की संख्या बढ़ती जा रही है।
सम्मेलन में मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी तथा पर्यटन, कृषि एवं खाद्य प्रस्संकरण, सूचना प्रौद्योगिकी और जैवप्रौद्योगिकी से संबंधित प्रस्तुतिकरण किया गया। इन विभागों की ओऱ से सर्वश्री इकबाल सिंह बैंस, श्री अनिल श्रीवास्तव, श्री अनुराग जैन और एस.के. पवार ने इन्हें प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ खुले सत्र में अनेक प्रवासी भारतीयों ने चर्चा की। इनमें श्री उमेश चन्द्रा, श्री राजीव सक्सेना, श्री पी.सी. त्रिपाठी, श्री दिलीप श्रीवास्तव, डॉ. महेश मोदी, श्री विमल सदानी, श्री अर्जुन जसूजा, श्री अली, श्री नफी खान, सुश्री अंजली जैन आदि शामिल थे।
प्रमुख उद्योगपति एवं फिक्की के अध्यक्ष श्री रमेशचन्द्र अग्रवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए आदर्श वातावरण है। सबसे महत्वपूर्ण बात राज्य सरकार की उद्योग हितैषी नीतियां है। यही वजह की है कि गत पांच वर्ष में प्रदेश में आने वाले उद्योगों की संख्या बढ़ती जा रही है।
सम्मेलन में मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी तथा पर्यटन, कृषि एवं खाद्य प्रस्संकरण, सूचना प्रौद्योगिकी और जैवप्रौद्योगिकी से संबंधित प्रस्तुतिकरण किया गया। इन विभागों की ओऱ से सर्वश्री इकबाल सिंह बैंस, श्री अनिल श्रीवास्तव, श्री अनुराग जैन और एस.के. पवार ने इन्हें प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ खुले सत्र में अनेक प्रवासी भारतीयों ने चर्चा की। इनमें श्री उमेश चन्द्रा, श्री राजीव सक्सेना, श्री पी.सी. त्रिपाठी, श्री दिलीप श्रीवास्तव, डॉ. महेश मोदी, श्री विमल सदानी, श्री अर्जुन जसूजा, श्री अली, श्री नफी खान, सुश्री अंजली जैन आदि शामिल थे।
प्रारंभ में प्रमुख सचिव उद्योग एवं वाणिज्य श्री सत्यप्रकाश ने स्वागत भाषण दिया। ट्राईफेक के प्रबंध संचालक श्री प्रवीण गर्ग ने उद्योग स्थापना के लिए राज्य सरकार की ओर से दी जा रही सुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी। सम्मेलन के अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी लगायी गई। वित्त मंत्री श्री राघवजी तथा मुख्य सचिव श्री राकेश साहनी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
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