भोपाल और इंदौर में अब तक 22 गिरफ्तारियां, 163 नागरिकों को हक मिला
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने निर्देश दिये हैं कि जिन गृह निर्माण सहकारी समितियों द्वारा निर्धन, निम्न-मध्यवर्गीय और मध्यवर्गीय व्यक्तियों को जायज हक नहीं दिया गया है उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भू-माफियाओं के विरूद्ध अभियान निरंतर चलेगा।मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं की अनियमितताओं पर की गई कार्रवाई की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सहकारी समितियों द्वारा जिन सदस्यों से भूखंड के लिये राशि जमा करवाने के बाद भी अब तक भूखंड नहीं दिये गये हैं ऐसे प्रकरणों में सदस्यों को तत्काल भूखंड का आवंटन किया जाये।
भूखंड का आवंटन न किये जाने के दशा में सदस्यों को ब्याज सहित राशि लौटाई जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ऐसे प्रकरणों में गृह निर्माण सहकारी समितियों के अलावा सहकारिता विभाग के दोषी अधिकारियों के विरूद्ध भी कार्रवाई करने के निर्देश दिये। श्री चौहान ने कहा कि सिर्फ पुलिस विभाग पर दोषियों के विरूद्ध कदम उठाने का जिम्मा न छोड़ा जाये बल्कि समस्त दोषी अधिकारियों के विरूद्ध भी दंडात्मक कार्रवाई की जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जीवनभर की परिश्रम की कमाई से भूखंड प्राप्त करने का सपना लिये नागरिकों को हर हाल में न्याय मिलना चाहिये।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस संबंध में इंदौर एवं भोपाल में की गई कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि भोपाल में 13 दोषी सहकारी समितियों के पदाधिकारियों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है। कुल 7 पदाधिकारी गिरफ्तार भी किये गये हैं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस संबंध में इंदौर एवं भोपाल में की गई कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि भोपाल में 13 दोषी सहकारी समितियों के पदाधिकारियों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है। कुल 7 पदाधिकारी गिरफ्तार भी किये गये हैं।
अब तक 16 संस्थाओं के पदाधिकारियों के विरूद्ध दांडिक कार्रवाई के लिये सिविल न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किये जा चुके हैं। इसी तरह 7 गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं के संचालक मंडल भंग किये गये हैं और पांच संस्थाओं के अभिलेख जप्त करने के आदेश दिये गये हैं। इसके अलावा 17 संस्थाओं के क्रय-विक्रय पर रोक एवं चार संस्थाओं पर भवन निर्माण संबधी रोक लगाई गई है। भोपाल में कुल 63 शिकायतकर्ताओं को उनकी जमा राशि वापिस कराई गई है और 7 नागरिकों को भूखंड उपलब्ध कराये गये हैं।
इंदौर में सहकारिता विभाग के 9 अधिकारियों और 51 अधीनस्थ कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस देकर 15 दिन में उत्तर देने को कहा गया है। सहकारी संस्थाओं के 70 दोषी पदाधिकारियों के विरूद्ध पुलिस कार्रवाई करते हुए 15 पदाधिकारियों की गिरफ्तारी करने के अलावा 29 अन्य पदाधिकारियों के विरूद्ध न्यायालयीन वारंट जारी किये गये हैं।
इंदौर में सहकारिता विभाग के 9 अधिकारियों और 51 अधीनस्थ कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस देकर 15 दिन में उत्तर देने को कहा गया है। सहकारी संस्थाओं के 70 दोषी पदाधिकारियों के विरूद्ध पुलिस कार्रवाई करते हुए 15 पदाधिकारियों की गिरफ्तारी करने के अलावा 29 अन्य पदाधिकारियों के विरूद्ध न्यायालयीन वारंट जारी किये गये हैं।
इंदौर में 9 गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं के संचालक मंडल को हटाते हुए 23 संस्थाओं के अभिलेख जप्त किये गये हैं। धारा 58-बी के तहत चार संस्थाओं के दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध 10 करोड़ रूपये की वसूली के लिये प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं। भूखंड की पात्रता रखने वाले सौ सदस्यों को भूखंड भी उपलब्ध कराये गये हैं। अगली तिमाही में 2000 अन्य सदस्यों को भूखंड दिलाने का लक्ष्य है।
इंदौर की चार विवादास्पद सहकारी संस्थाओं के सदस्यों की वरिष्ठता सूची को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। इससे वास्तविक सदस्यों को भूखंड उपलब्ध कराने में सहायता मिली है। बैठक में प्रभारी प्रमुख सचिव सहकारिता श्री मनोज गोयल, सहकारिता आयुक्त एवं पंजीयक श्री अरूण भट्ट उपस्थित थे।
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