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Thursday, November 19, 2009

आयुर्वेद शिक्षा एवं चिकित्सा को प्रदेश में सशक्त बनाया जायेगा

आयुष मंत्री  की भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद के अध्यक्ष  के साथ बैठक
मध्यप्रदेश में आयुर्वेद महाविद्यालयों एवं आयुर्वेद चिकित्सा को सशक्त और लोकप्रिय बनाने के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास करेगी और इसके लिए एक समयबद्ध कार्यक्रम बनाया जाएगा। 
लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री अनूप मिश्रा ने उपरोक्त जानकारी भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद के अध्यक्ष श्री रघुनंदन शर्मा के साथ आज विधानसभा में हुई एक बैठक में दी। 
इस अवसर पर प्रमुख चिकित्सा शिक्षा श्रीमती विजया श्रीवास्तव, अपर सचिव श्री डी.डी. अग्रवाल आयुक्त आयुष श्रीमती मधु हांडा, भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद के सदस्य डा. प्रमोद जैन, डा. एस.डी गर्ग आदि उपस्थित थे।
आयुष मंत्री श्री अनूप मिश्रा ने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति एवं शिक्षण को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने प्रयास प्रारंभ कर दिए हैं। भारतीय चिकित्सा परिषद के अनुसार प्रदेश के आयुर्वेद महाविद्यालयों में जो कमियां है उन्हें दूर करने के लिए एक समयबद्ध कार्यक्रम बनाया जाएगा तथा इसके क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग के लिए एक अधिकारी भी नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पारंपरिक चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सा का आम लोगों को लाभ पहुँचाने के लिए कार्य करना शुरू कर दिया है।
भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद के अध्यक्ष श्री रघुनंदन शर्मा ने कहा कि हमारा प्रयास है कि आयुर्वेद चिकित्सा को महत्व मिले। इसके लिए जरूरी है कि आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा के लिए स्थापित संस्थान परिषद के निर्धारित मानदंडों को पूरा करें। उन्होंने कहा कि परिषद मध्यप्रदेश में आयुर्वेद चिकित्सा को स्थापित करने में हरसंभव मदद देने को तैयार है।

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