मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रिपरिषद की बैठक में गरीबों, कमजोर वर्गों तथा किसानों को विद्युत नियामक आयोग द्वारा बढ़ाई गई विद्युत दरों के भार से बचाने के लिये मध्यप्रदेश राज्य विद्युत मण्डल को 1358 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने का निर्णय लिया है।
मंत्रिपरिषद ने निर्णय लिया कि 29 जुलाई, 2009 को विद्युत नियामक आयोग द्वारा लागू की गई दरों के बजाय केवल 30 यूनिट तक के मासिक खपत वाले विद्युत उपभोक्ताओं को पुनरीक्षित दरों के स्थान पर 175 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली दी जायेगी। 25 हार्स पावर तक संबंद्ध भार वाले पावरलूम उपभोक्ताओं को पुनरीक्षित विद्युत दरों के स्थान पर 200 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली दी जायेगी। इन उपभोक्ताओं द्वारा वास्तविक खपत के आधार पर ही भुगतान किया जायेगा। निम्न दाब कृषि उपभोक्ताओं के लिये पुनरीक्षित विद्युत दरों के स्थान पर कम दर पर बिजली दी जायेगी। यह इस प्रकार है:-
(LV-5.1)मंत्रिपरिषद ने निर्णय लिया कि 29 जुलाई, 2009 को विद्युत नियामक आयोग द्वारा लागू की गई दरों के बजाय केवल 30 यूनिट तक के मासिक खपत वाले विद्युत उपभोक्ताओं को पुनरीक्षित दरों के स्थान पर 175 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली दी जायेगी। 25 हार्स पावर तक संबंद्ध भार वाले पावरलूम उपभोक्ताओं को पुनरीक्षित विद्युत दरों के स्थान पर 200 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली दी जायेगी। इन उपभोक्ताओं द्वारा वास्तविक खपत के आधार पर ही भुगतान किया जायेगा। निम्न दाब कृषि उपभोक्ताओं के लिये पुनरीक्षित विद्युत दरों के स्थान पर कम दर पर बिजली दी जायेगी। यह इस प्रकार है:-
(i) स्थायी संयोजन मीटर युक्त मीटर रहित
अ। प्रथम 500 यूनिट प्रतिमाह तक की खपत (प्रति यूनिट) 75 पैसे 75 पैसेब। 500 यूनिट से ऊपर की खपत (प्रति यूनिट) 110 पैसे 110 पैसे
(ii) अस्थायी संयोजन 160 पैसे प्रति यूनिट
(iii) डी।टी।आर। मीटर द्वारा विद्युत प्रदाय 75 पैसे प्रति यूनिट
नगर पालिका और नगर पंचायत की निम्न दाब सड़क बत्ती योजनाओं के लिये पुनरीक्षित नियत लागत प्रभार के स्थान पर 85 रुपये प्रति किलोवाट प्रतिमाह की दर से लागू की जायेगी। उच्च दाब सिंचाई उपभोक्ताओं को वार्षिक न्यूनतम प्रभार के भुगतान से छूट दी जायेगी।
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