थोक व्यापारियों की स्टॉक सीमा दो हजार क्विंटल
Bhopal:Sunday, October 18, 2009:Updated 18:40IST राज्य सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर मध्यप्रदेश शक्कर व्यापारी आदेश 2009 में संशोधन किया है। पिछले दिनों प्रदेश के शक्कर व्यापारियों ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और खाद्य आपूर्ति राज्य मंत्री श्री पारसचंद्र जैन से मिल कर उनके समक्ष अपनी कुछ व्यावहारिक दिक्कतें हल करने की मांग की थी। इन्हें सरकार ने यथोचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था। अलबत्ता सरकार ने यह भी साफ कर दिया था कि प्रदेश में शक्कर लायसेंस और नियंत्रण आदेश जारी रहेगा। व्यापारियों को बेवजह परेशान करने की उसकी मंशा नहीं है लेकिन ज़माखोरी, कालाबाजारी और मुनाफाखोरी के खिलाफ उसकी मुहिम लगातार चलती रहेगी।
ताज़ा संशोधन के मुताबिक थोक उपभोक्ता को नए सिरे से परिभाषित किया गया है। इसका मतलब उस व्यक्ति, स्थापना या औद्योगिक इकाई से होगा जो हर महीने कच्चे माल के बतौर किसी भी तरह से 10 क्विंटल से ज्यादा शक्कर का इस्तेमाल या खपत करता है।
इन लोगों पर शक्कर नियंत्रण और लायसेंस आर्डर लागू होगा। अलबत्ता यह भी साफ किया गया है यह आदेश केन्द्र, राज्य, संघ राज्य, स्थानीय निकाय और रजिस्ट्रीकृत पूर्व न्यास द्वारा चलाई जा रही किसी संस्था, अस्पताल, कामकाजी पुरूष-महिला हॉस्टल और शैक्षणिक संस्था के छात्रावास पर लागू नहीं होगा।
इसी तरह फुटकर व्यापारी को यह परिभाषित किया गया है कि ऐसा कोई व्यक्ति, भागीदार फर्म, सोसायटी, निगम और पंजीकृत निकाय जो एक वक्त में 20 क्विंटल से कम शक्कर की खरीदी, बिक्री या बिक्री के लिए इसके भण्डारण के कारोबार में लगा है।
ताज़ा संशोधन के तहत लायसेंसी थोक व्यापरी 45 दिन से ज्यादा के लिए शक्कर का भण्डारण नहीं कर सकेंगे। इसी तरह वे एक वक्त में 2000 क्विंटल से ज्यादा शक्कर का स्टॉक जमा नहीं करेंगे। यह भी साफ कर दिया गया है कि ये लोग भी शक्कर का स्टॉक सिर्फ लायसेंसी परिसर में ही करेंगे।
ऐसी जगह को बदलने के पहले प्राधिकृत अधिकारी से इजाजत लेनी होगा। इन्हें शक्कर के रोजमर्रा के स्टॉक, खरीदी और बिक्री का हिसाब बताने वाला रजिस्टर अपने पास रखना होगा।
ट्रांजिट (परिवहन) की अवधि
संशोधन के तहत शक्कर के परिवहन की सुविधा की दृष्टि से किसी स्थान पर भण्डारित करने की अधिकतम अवधि 7 दिन की गई है। हालांकि जिस स्थान पर यह भण्डारण होगा वहाँ परिवहनकर्ता को एक रजिस्टर रखना होगा जिसमें शक्कर के स्टॉक की आवाजाही का पूरा ब्यौरा और संबंधित व्यापारी का लायसेंस नंबर दर्ज होगा। लायसेंसी व्यापारी का यह फर्ज होगा कि वह जिस जिले से लायसेंस लिया है उसके कलेक्टर और उपरोक्त शक्कर जिस जगह भेजी जा रही उसके जिला कलेक्टर को शक्कर के भण्डारण के पहले सूचना दे दे। यदि वह ऐसा सूचना नहीं देता है तो भण्डारित शक्कर को अवैध माना जा सकेगा और इस स्टॉक की तयशुदा अधिकतम स्टॉक सीमा में शामिल मान लिया जाएगा। इसी तरह थोक उपभोक्ताओं को अपने उपयोग के लिए एक वक्त में 15 दिन से ज्यादा का शक्कर स्टॉक जमा नहीं करना है।
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