वर्ष 2013 तक यह सड़के बन जाएंगी
मध्यप्रदेश की समस्त बसाहटों को वर्ष 2013 तक बारहमासी सड़कों से जोड़ दिया जाएगा। ऐसी बसाहटों को चिन्हांकित करने के लिए व्यापक सर्वे अभियान शुरू किया जा रहा है। यह जानकारी पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने दी।पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के निर्धारित मापदंडों के कारण कई गांव और बसाहटें ऐसी है जो थोड़ी-थोड़ी दूरी से सड़क मार्ग से वंचित हो गए है। सरकार ने यह निर्णय लिया है कि ऐसी सड़कों को चिन्हांकित कर उनकी लंबाई और लागत का आकलन करें एवं एक बड़े अभियान के रूप में बारहमासी सड़कों से ऐसी बसाहटों को जोड़ा जाए। इन सड़कों का निर्माण राष्ट्रीय रोजगार गारंटी स्कीम के तहत किया जाएगा।
सभी जिला कलेक्टरों, जिला कार्यक्रम समन्वयक, मुख्य कार्यपालन अधिकारियों सहित अन्य अधिकारियों को भेजे गये निर्देर्शो में कहा गया है कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनाए गए कोर नेटवर्क में शामिल नहीं ऐसी सड़के जो सामान्य क्षेत्रों में 500 की आबादी एवं आदिवासी क्षेत्रों में 250 की आबादी वाले ग्रामों से संबद्ध हो और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क से 500 मीटर तक की दूरी पर स्थित हो उन्हें चिन्हांकित किया जाए। इन टूटे हुए मार्गों को वर्ष 2013 तक चरणबद्ध रूप में बनाने की कार्ययोजना तैयार की जाए।
भेजे गए दिषा निर्देशों में कहा गया है कि 30 अक्टूबर तक जिला स्तर, ग्राम पंचायतवार सड़क की लंबाई, पुल, पुलियों की संख्या का आकलन कर वर्ष 2009-10 में बनाने वाली सड़कों का प्रथम स्तरीय इस्ट्रीमेट बनाया जाए। दिशा निर्देर्शो में कहा गया है कि इसी तरह एन.आर.ई.जी.एस. के तहत सड़क संपर्क कार्य के लिए हर जिला सेल्फ ऑफ प्रोजेक्ट बनाए और उसे वर्ष 2009-10 तथा 2010-11 के शेल्फ और प्रोजेक्ट में शामिल करें।
इसका अनुमोदन त्रिस्तरीय पंचायत राज व्यवस्था से किया जाए। इसकी समय सीमा भी 30 अक्टूबर निर्धारित की गई है। दिशा निर्देर्शो में सड़कों की गुणवत्ता नियंत्रण के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की प्रयोगशाला उपयोग करने के निर्देश दिए है। प्रतिवर्ष स्वीकृत सड़क निर्माण कार्यों एवं लागत की सूची अनिवार्यतः विकासखंड के सूचना पटल पर अंकित करने के निर्देश दिए गए है।
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